मध्य प्रदेश के उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी में लॉ स्टूडेंट्स भैंसे लेकर पहुंच गए और वकीलों की यूनिफॉर्म में भैंस चराने लगे। इतना ही नहीं, स्टूडेंट्स ने कैंपस में ‘काला अक्षर भैंस बराबर’ के नारे भी लगाए। ये अनोखा प्रदर्शन स्टूडेंट्स ने कॉलेज में टीचर्स की कमी के खिलाफ किया। छात्रों ने कहा कि शिक्षा के बगैर उनका भविष्य ऐसा ही होगा। लॉ विभाग में 650 स्टूडेंट्स, 2 टीचर कॉलेज के लॉ विभाग में BA LLB, LLM और साइबर सिक्योरिटी जैसे कोर्स कर रहे कुल 650 स्टूडेंट्स हैं। मगर इन्हें पढ़ाने के लिए केवल 2 ही टीचर्स हैं। नियम के अनुसार, कॉलेज में हर दिन 55 क्लासेज लगनी चाहिए। मगर टीचर न होने की वजह से क्लासेज नहीं लग पा रहीं। छात्रों का कहना है कि अगर पढ़ाने के लिए टीचर ही नहीं होंगे, तो वे भविष्य में भैंस चराने को ही मजबूर होंगे। स्टूडेंट्स हाथ में ‘हमें वकील बनना है, चरवाहा नहीं’ लिखी तख्तियां भी लेकर पहुंचे। पहले भी हो चुकी है शिक्षक बहाली की मांग यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ के स्टूडेंट्स पहले भी टीचर्स की बहाली की मांग कर चुके हैं। स्टूडेंट्स का कहना है कि वे लगभग डेढ़ साल से कुलपति और कुलसचिव से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद भी न शिक्षकों की बहाली की गई है, न स्टूडेंट्स की मांगें सुनी गई हैं। भैंस चराने की प्रैक्टिस कर रहे हैं- स्टूडेंट्स स्टूडेंट्स का कहना है कि बिना टीचर्स के पढ़ाई संभव नहीं है। ऐसे में उन्हें भविष्य में भैंस ही चरानी पड़ेगी। इसलिए वो अभी से भैंस चराने की प्रैक्टिस कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में छात्राएं भी आगे आईं और तख्तियां दिखाकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। —————— ये खबरें भी पढ़ें… मुजफ्फरपुर में खुद को आग लगाने वाले स्टूडेंट की मौत: प्रिंसिपल ने कहा था-25 हजार का मोबाइल, 1 लाख की बाइक रखता था, गरीब कैसे हुआ मुजफ्फरपुर के DAV कॉलेज में खुद को आग लगाने वाले स्टूडेंट उज्जवल राणा की मौत हो गई। स्टूडेंट 7 हजार रुपए की फीस जमा नहीं कर पाया था, जिसके चलते उसे परीक्षा देने से रोक दिया गया था। शनिवार को छात्र ने प्रिंसिपल प्रदीप कुमार पर बदसलूकी और मारपीट करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद खुद को आग लगा ली थी। पूरी खबर पढ़ें…