भारत में काम करने वाले लोगों में 26% महिलाएं हैं, लेकिन पिछले तीन सालों से इस आंकडे में कोई बदलाव नहीं आया है। इसी के साथ जैसे-जैसे महिलाएं सीनियर पदों की ओर बढ़ती हैं, वर्कप्लेसेज पर उनकी संख्या घटती जाती है। ये आंकड़े ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ की इंडियाज बेस्ट वर्कप्लेसेज टू वर्क एंड इन डायवर्सिटी, इक्विटी, इन्क्लूसन एंड बिलॉन्गिंग में सामने आए हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि भारत के वर्कप्लेस दिव्यांग और LGBTQIA+ कम्युनिटी के लोगों के लिए भी इनक्लूसिव नहीं है। बच्चे के बाद काम छोड़ने को मजबूर महिलाएं रिपोर्ट के अनुसार मिड-लेवल और लीडरशिप रोल्स में महिलाओं की कमी की तीन प्रमुख वजहें हैं…. दिव्यांग, LGBTQIA+ को वर्कप्लेसेज पर नहीं मिलता सपोर्ट भारत के वर्कप्लेसेज में दिव्यांग लोगों का एक बड़ा शेयर है लेकिन रिपोर्ट के अनुसार उनकी जरूरतों का ख्याल कंपनियां नहीं रखतीं। इसे लेकर जागरूकता तो बढ़ी हैं लेकिन अब भी दिव्यांग लोगों के लिए सही इंतजाम नहीं मिलते। ग्रेट प्लेस टू वर्क की रिसर्च में पाया गया कि 2 में से केवल 1 ऑर्गेनाइजेशन में ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुसार दिव्यांगों के लिए टेक्नोलॉजी है। कुछ ऐसा ही हाल LGBTQIA+ कम्युनिटी का है। इंडियन वर्कप्लेस इक्वालिटी इंडेक्ट 2024 के अनुसार, केवल 45% भारतीय कंपनियों में एंटी-डिस्क्रिमिनेटरी पॉलिसीज हैं। वहीं MNCs की बात करें तो करीब 85% में एंटी-डिस्क्रिमिनेटरी पॉलिसीज फॉलो की जाती हैं। ———————- ऐसी ही और खबरें पढ़ें… पाकिस्तान ने किया स्कूल करिकुलम में बदलाव:किताबों में बताया- भारतीय सेना को 4 दिन में हराया, ट्रंप ने सीजफायर कराया 7 मई को भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान पर चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी पाकिस्तान ने अपने स्कूल करिकुलम में जोड़ी है। हालांकि, सोशल मीडिया पर शेयर हो रही नई स्कूल बुक्स में बताई गई जानकारियां सच से काफी अलग हैं। पूरी खबर पढ़ें…