दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (DUSU) चुनाव 2026 के लिए मतदान 18 सितंबर यानी आज होगा। जबकि वोटों की गिनती 19 सितंबर को की जाएगी। केवल एलिजिबल डीयू छात्र ही मतदान कर सकेंगे। वोटिंग के लिए डीयू का आईडी कार्ड जरूरी रहेगा। इस चुनाव में सुरक्षा के इंतजामों को देखते हुए कॉलेजों और विभागों के बाहर पुलिस तैनात रहेगी। संवेदनशील स्थानों पर गश्त और महिला कॉलेजों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती का इंतजाम भी किया गया है। प्रचार का तरीका AI बेस्ड दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 में प्रचार का तरीका इस बार पूरी तरह बदल गया है। डीयू प्रशासन की सख्ती के कारण छात्र संगठनों ने कागजी पोस्टरों की जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सोशल मीडिया रील्स के जरिये प्रचार किया है। इस साल डूसू चुनाव की जंग बेहतर और रचनात्मक प्रॉम्प्ट से लड़ी जा रही है। युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए उम्मीदवारों ने शॉर्ट वीडियोज, मीम्स और रील्स को अपना हथियार बनाया।
17 सितंबर को कॉलेज में पहुंची ईवीएम डीयू में मतदान से एक दिन पहले यानी 17 सितंबर को कॉलेजों तक ईवीएम पहुंचाने की प्रोसेस पूरी हुई। इसके लिए ट्रेंड मास्टर ट्रेनरों की तैनाती की गई है। मतदान का समय कॉलेज शिफ्ट के अनुसार अलग अलग रखा गया है। डे क्लास के लिए सुबह साढ़े 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक समय तय किया गया है। वहीं इनविंग क्लास के लिए दोपहर 3 बजे से शाम को साढ़े 7 बजे तक का समय तय है।
मतदान केंद्रों पर खास प्रबंध मतदान केंद्रों पर छात्रों की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के प्रबंध किए गए हैं। मतदान केंद्र पर छात्रों की कतार व्यवस्थित करने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी और स्वयंसेवक लगाए गए हैं। प्रवेश और निकास के लिए अलग अलग रास्तों का इंतजाम किया गया है। छात्रों को गर्मी और भीड़ से बचाने के लिए पानी और छांव की व्यवस्था की गई है। प्राथमिक उपचार का प्रबंध भी किया गया है। मतदान केंद्र पर आईडी वेरिफिकेशन जरूरी डूसू चुनाव में बड़ी संख्या में छात्रा मतदाता होते हैं। ऐसे में मतदान केंद्र पर सही वोटर्स की पहचान तय करना भी इस चुनाव का खास हिस्सा है। इसी वजह से यूनिवर्सिटी ने आइडेंटिटी वेरिफिकेशन और एंट्री की व्यवस्था पर खास ध्यान दिया है। 13 अगस्त को जारी हुआ चुनाव कार्यक्रम DU ने 13 अगस्त को DUSU इलेक्शन 2026-27 का चुनाव कार्यक्रम जारी किया था। इसी महीने में चुनाव आचार संहिता और कैंपेनिंग के नियम लागू किए गए। इसमें पेपरलेस कैंपेन, डिजिटल/वीडियो प्रचार पर जोर दिया गया है। साल 2025 में 1.55 लाख से ज्यादा छात्र वोटिंग में शामिल पिछले साल डूसू चुनाव में लगभग 1.55 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने वोट दिया था। इस चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP के आर्यन मान प्रेसिडेंट चुने गए थे। उन्होंने कांग्रेस बैक्ड नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया यानी NSUI की जोसलीन नंदिता चौधरी को 16,196 वोटों से हराया था। पिता और भाई मशहूर शराब व्यवसायी आर्यन मान बिजनेस परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता, सिकंदर मान बहादुरगढ़ स्थित ADS ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। ये कंपनी मशहूर रॉयल ग्रीन शराब बनाती है। आर्यन के बड़े भाई विराट मान ADS स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड के CEO हैं। साथ ही, वो रोकोब्रांड के फाउंडर भी हैं। स्पोर्ट्स कोटे से एडमिशन हुआ 2 नेशनल सर्टिफिकेट के आधार पर मान का एडमिशन स्पोर्ट्स कोटे से दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज में हुआ। उस समय कोविड चल रहा था। ऐसे में पहले साल ऑनलाइन मोड क्लासेस अटेंड की और ओपन बुक एग्जाम में शामिल हुए। हंसराज में रहते हुए जॉइन किया ABVP हंसराज कॉलेज जॉइन करने के 1 सप्ताह के भीतर ही उन्हें स्पोर्ट्स इक्विपमेंट्स की कमी महसूस हुई। इक्विपमेंट नहीं मिलने के चलते उन्होंने कॉलेज प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया। फिर अपने साथियों के साथ आवेदन लेकर प्रिंसिपल को सौंपने गए। जब वे प्रिंसिपल ऑफिस की तरफ जा रहे थे, उसी दौरान रास्ते में ABVP के सपोर्टर्स और ऑफिस बियरर्स से मुलाकात हुई। उनके हाथों में पोस्टर और बैनर थे, जिस पर तीसरे लाइन में स्पोर्ट्स इक्विपमेंट प्रोवाइड करने की डिमांड लिखी थी। ये देखकर मान को लगा कि जो स्टूडेंट विंग हमारी मांग या जरूरत को अपना मुद्दा बनाता है, उससे जुड़ना बेहतर रहेगा। उसी दौरान वे ABVP से जुड़े। डीयू इलेक्शन कमीशन द्वारा जारी किया गया नोटिफिकेशन ———————————————————————————– ये खबर भी पढ़ें इंडियन आर्मी में अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी:ट्राइबल कम्युनिटी और धार्मिक टैटू बनवा सकते हैं, ये 6 तरह के टैटू प्रतिबंधित इंडियन आर्मी ने अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी की है। इसमें बताया गया है कि शरीर पर कहां टैटू बनवाया जा सकता है और कहां नहीं। अग्निवीर भर्ती में शारीरिक गतिविधियों के साथ उम्मीदवारों के पूरे शरीर की जांच की जाती है। साथ में शरीर पर टैटू भी देखा जाता है क्योंकि सेना में टैटू को लेकर कड़े नियम तय किए गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें