EduCare News:रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में एडमिशन शुरू; 11 प्रमुख फैकल्टीज में 117+ कोर्सेज की सीमित सीटें, आज ही अप्लाई करें

15 वर्षों से शिक्षा में उत्कृष्टता का प्रतीक, रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (RNTU) भोपाल ने 2025–26 सत्र के लिए प्रवेश की घोषणा कर दी है। मध्यप्रदेश का पहला निजी विश्वविद्यालय, RNTU लगातार 6 वर्षों से NIRF रैंकिंग में शामिल है और NAAC से मान्यता प्राप्त है। साथ ही विश्वविद्यालय को UaGC, AICTE, NCTE, BCI, INC, MP Paramedical Council और MP Nursing Council जैसे प्रमुख निकायों से भी अनुमोदन प्राप्त है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप भविष्य-केंद्रित शिक्षा RNTU में 11 प्रमुख फैकल्टीज के अंतर्गत 117+ कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं, जिनमें शामिल हैं। कृषि, मानविकी और भाषा, वाणिज्य, शिक्षा, इंजीनियरिंग, विधि, प्रबंधन, चिकित्सा विज्ञान, विज्ञान वोकेशनल एजुकेशन (B.Voc/M.Voc) और टैगोर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा। AISECT Learn प्लेटफॉर्म के जरिए से छात्रों को AI, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, पाइथन आदि जैसे आधुनिक कौशलों की ऑनलाइन शिक्षा भी दी जाती है। इंडस्ट्री सपोर्टेड-इनोवेटिव कोर्सेस 1-वर्षीय इंटीग्रेटेड B.Tech (AI/ML, Cyber Security, Big Data, Quality Engineering) 2-वर्षीय इंटीग्रेटेड B.Tech दो विषयों में विशेषज्ञता + एडवांस्ड सर्टिफिकेशन कोर्स उद्योग सहयोग: नई जनरेशन के कोर्सेस: कला-संस्कृति और थिएटर के लिए RNTU का अद्वितीय योगदान टैगोर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा — युवाओं में कल्पनाशक्ति व रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया यह संस्थान आज भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय स्तरीय नाट्य विद्यालय है। प्रमुख पाठ्यक्रम: विश्वरंग: भारत का सबसे बड़ा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव विश्वरंग RNTU की पहल, एक वैश्विक मंच बन चुका है जहां 50+ देशों के 1000+ कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। यह कार्यक्रम हमारी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान देने का कार्य कर रहा है। शोध शिखर: युवा शोधकर्ताओं के लिए राष्ट्रीय स्तर का प्लेटफॉर्म यह इंटर-यूनिवर्सिटी इनोवेशन और रिसर्च फेस्टिवल छात्रों को शोध करने, नवाचार प्रस्तुत करने और मॉडल विकसित करने का मंच प्रदान करता है। खेलों में उत्कृष्टता – खेलो इंडिया में RNTU की उपलब्धियां खेल, संस्कृति और करियर – समग्र विकास का वादा RNTU के पास विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं हैं जिनमें 400 मीटर एथलेटिक्स ट्रैक, कबड्डी, बास्केटबॉल, टेबल टेनिस आदि शामिल हैं। विश्वविद्यालय में Yuvaaz (स्टूडेंट रेडियो), RHTYHM (युवा महोत्सव), और विभिन्न क्लब्स के माध्यम से नाटक, वाद-विवाद, संगीत आदि गतिविधियों को भी प्रोत्साहन दिया जाता है। ट्रेनिंग और प्लेसमेंट में सशक्त उपस्थिति Training Placement Cell की मदद से अब तक 6500+ विद्यार्थियों को 250+ प्लेसमेंट ड्राइव्स के माध्यम से रोजगार मिल चुका है, जिनमें 600+ रिक्रूटमेंट पार्टनर्स शामिल हैं। विद्यार्थियों को निरंतर सॉफ्ट स्किल्स और टेक्निकल स्किल्स में प्रशिक्षित किया जाता है। तकनीक के साथ कदमताल – ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म और AI कोर्सेस विश्वविद्यालय का AISECT Learn ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को AI, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, पाइथन आदि में प्रैक्टिकल ज्ञान उपलब्ध कराता है, जिससे छात्र वर्तमान और भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं के अनुसार तैयार हो सकें। छात्रवृत्ति और स्टार्टअप्स को बढ़ावा शिक्षा मित्र स्कॉलरशिप योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर, लेकिन योग्य छात्रों को भरपूर सहायता दी जाती है। विश्वविद्यालय में स्थापित Atal Incubation Centre (AIC-RNTU) मध्यप्रदेश की किसी निजी यूनिवर्सिटी में अकेला एआईसी है, जिसने अब तक 137+ स्टार्टअप्स को सफलतापूर्वक इनक्यूबेट किया है। AIC–RNTU: स्टार्टअप्स का लॉन्चपैड Atal Incubation Centre (AIC-RNTU), NITI Aayog द्वारा समर्थित है और मध्यप्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में एकमात्र AIC है। अब तक 100+ स्टार्टअप्स को सहयोग मिल चुका है – एजुटेक, हेल्थटेक, EV, एग्रीटेक आदि में। सुविधाएं: छात्रों की प्रेरणादायक उपलब्धियां विश्वस्तरीय कैंपस सुविधाएं सम्मान और मान्यताएं आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल परिसर 52 एकड़ में फैला हरा-भरा परिसर, स्मार्ट क्लासरूम, रिसर्च लैब्स, ऑर्गेनिक फार्म्स, हॉस्टल्स, लाइब्रेरी, जिम और वर्ल्ड-क्लास स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विश्वविद्यालय को एक फ्यूचर-फॉरवर्ड लर्निंग ईकोसिस्टम बनाता है। ये खबर भी पढ़ें…. NEET UG चॉइस फिलिंग की लास्ट डेट बढ़ी:अब 11 अगस्त तक करें सीट लॉक; तकनीकी समस्याओं के कारण MCC का फैसला मेडिकल काउंसलिंग कमेटी यानी MCC ने NEET UG 2025 के लिए राउंड 1 चॉइस फिलिंग और लॉकिंग सुविधा को 11 अगस्त, 2025 तक बढ़ा दिया है। ये निर्णय कैंडिडेट्स की डिमांड और कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण लिया गया। पूरी खबर पढ़ें..

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